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  • 11 Feb 26 - संथारा क्या है? क्या यह आत्महत्या है? उपवास और अनशन: क्या शरीर को कष्ट देना सही है?
    Feb 10 2026
    00:00 - संथारा: आत्महत्या या महा तपश्चर्या? (Santhara: Suicide or Great Penance?)02:20 - शरीर और आत्मा का भेद (Difference between body and soul)04:00 - सावरकर और विनोबा भावे का संथारा (Santhara of Savarkar and Vinoba Bhave)07:00 - उपवास और व्रत का महत्व (Importance of Fasting and Vrat)10:00 - संथारा: इंद्रियों का व्यर्थ होना (Santhara: When senses become useless)15:00 - आत्महत्या: हताशा और अधूरी इच्छाएं (Suicide: Despair and unfulfilled desires)18:00 - 6 लोगों की हत्या और सुसाइड: एक सच्ची घटना (Murder of 6 people and suicide: A true incident)22:00 - जीवन की आपाधापी और आराम (Life's hustle and rest)26:30 - सोने-चांदी के भाव और शेयर मार्केट (Gold-Silver prices and Share Market)32:00 - "आग बनी सावन की बरखा" - हताशा का गीत (Song: Fire became the rain of Sawan) 🎶41:50 - "महल उदास और गलियां सूनी" - जीने की इच्छा खत्म होना (Song: Palace sad and streets deserted) 🎶46:00 - महावीर और बुद्ध की जीने की इच्छा (Will to live of Mahavira and Buddha)49:00 - मंदिर गिरता फिर बन जाता: दिल मत तोड़ना (Temple falls and rebuilds: Don't break a heart)---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी जैन धर्म की 'संथारा' प्रथा और आत्महत्या के बीच के गहरे अंतर को स्पष्ट करते हैं। वे समझाते हैं कि आत्महत्या हताशा और अधूरी इच्छाओं का परिणाम है, जबकि संथारा एक महा तपश्चर्या है जहाँ व्यक्ति शरीर और आत्मा के भेद को जानकर स्वेच्छा से देह त्यागता है। बाबाजी सावरकर और विनोबा भावे का उदाहरण देते हैं। वे एक दुखद घटना का जिक्र करते हैं जहाँ एक व्यक्ति ने अपने पूरे परिवार को मारकर आत्महत्या कर ली, और बताते हैं कि कैसे एक सही सलाह उसे बचा सकती थी। अंत में, बाबाजी वैराग्य और जीने की इच्छा के समाप्त होने पर मार्मिक गीतों के माध्यम से प्रकाश डालते हैं।---मुख्य विषय (Topics)* संथारा और आत्महत्या का भेद (Difference between Santhara and Suicide)* उपवास और स्वास्थ्य (Fasting and Health)* शरीर और आत्मा का संबंध (Relationship between Body and Soul)* हताशा और मानसिक तनाव (Despair and Mental Stress)* वैराग्य और जीवन की निरर्थकता (Renunciation and Futility of Life)* मंदिर और दिल का महत्व (Importance of Temple and Heart)---Shorts Style Topics- संथारा क्या है? क्या यह आत्महत्या है? [02:20] 🧘‍♂️💀- सावरकर और विनोबा भावे ने संथारा क्यों लिया? [04:00] 🕰️🙏- उपवास और अनशन में क्या फर्क है? [07:00] 🍽️🚫- 6 लोगों की हत्या और सुसाइड: क्या इसे रोका जा सकता था? [18:00] 🛑📞- "आग बनी सावन की बरखा" - सुसाइड करने वाले का दर्द [32:00] 🌧️🔥- मंदिर तोड़ दो पर दिल मत तोड़ना: बाबाजी का संदेश [49:00] 💔🕌---Music Segments (Geet/Shayari)- 🎶 "आग बनी सावन की बरखा, फूल बने अंगारे" - [37:15]- 🎶 "महल उदास और गलियां सूनी, चुप-चुप हैं दीवारें" - [41:57]- 🎶 "दिल क्या उजड़ा दुनिया ...
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    41 min
  • 10 Feb 26 - बाबाजी ब्रेसलेट और रत्न क्यों पहनते हैं? रत्नो और ब्रेसलेट का आध्यात्मिक व वैज्ञानिक महत्व
    Feb 10 2026
    00:00 - बाबाजी ब्रेसलेट और रत्न क्यों पहनते हैं? (Why does Baba Ji wear bracelets and gems?)04:00 - शरीर की रक्षा: कर्तव्य और विज्ञान (Protection of Body: Duty and Science)09:00 - कृष्ण, राम और तीर्थंकर भी रत्न पहनते थे (Krishna, Ram, and Tirthankaras also wore gems)14:00 - नेगेटिव एनर्जी और शरीर का संरक्षण (Negative Energy and Preservation of Body)18:00 - "सोचता हूँ अपने घर को देखकर" - विरह गीत (Song: Thinking about my home) 🎶23:00 - बुद्ध और महावीर के पास सब कुछ था, फिर भी त्याग क्यों? (Buddha and Mahavira had everything, why renunciation?)29:00 - विश्वामित्र का यज्ञ और राक्षसों की बाधा (Vishwamitra's Yajna and Obstacles by Demons)35:00 - दूसरों को दुखी करने में सुख: राजनीति का सच (Pleasure in hurting others: Truth of Politics)45:00 - "ना झटको जुल्फ से पानी" - भावनाओं का आहत होना (Song: Do not shake water from hair) 🎶52:00 - जितना मिलेगा खा लेंगे: बुद्ध का वैराग्य (Will eat whatever is available: Buddha's Dispassion)58:00 - शराब नहीं छूटती: बाबाजी का जवाब (Can't quit alcohol: Baba Ji's Answer)01:05:00 - "तुलना ताही सकल मिलै, जो सुख लव सत्संग" (Comparing all joys with a moment of Satsang)01:16:00 - "जद मेरी अर्थी उठा के चलेंगे" - अंतिम विदाई गीत (Song: When they carry my bier) 🎶---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी एक शिष्य के प्रश्न का उत्तर देते हैं कि एक सिद्ध संत होने के बावजूद वे ब्रेसलेट और रत्न क्यों पहनते हैं। वे समझाते हैं कि जैसे शरीर को भोजन की आवश्यकता होती है, वैसे ही नकारात्मक ऊर्जाओं से रक्षा के लिए रत्नों का उपयोग विज्ञान सम्मत है। बाबाजी राम, कृष्ण और तीर्थंकरों का उदाहरण देते हैं। वे विश्वामित्र के यज्ञ में बाधा डालने वाले राक्षसों की तुलना आज के विघ्न संतोषियों से करते हैं। बाबाजी अपने जीवन के संघर्ष, भोजन त्याग और शरीर को टिकाए रखने के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हैं। अंत में, वे अपनी मृत्यु के बाद के दृश्य का मार्मिक चित्रण एक गीत के माध्यम से करते हैं।---मुख्य विषय (Topics)* रत्नों और ब्रेसलेट का आध्यात्मिक व वैज्ञानिक महत्व (Spiritual & Scientific importance of Gems/Bracelets)* शरीर रक्षा और कर्तव्य (Body Protection and Duty)* नेगेटिव एनर्जी और सुरक्षा कवच (Negative Energy and Protective Shield)* संतों के जीवन में बाधाएं (Obstacles in the lives of Saints)* त्याग और वैराग्य की गहराई (Depth of Renunciation and Dispassion)* राजनीति और दूसरों को दुख देना (Politics and Hurting others)* मृत्यु और अंतिम सत्य (Death and Ultimate Truth)---Shorts Style Topics- बाबाजी ब्रेसलेट क्यों पहनते हैं? सच जानिये [05:40] 💎🛡️- क्या राम और कृष्ण भी रत्न पहनते थे? [09:00] 👑💍- विश्वामित्र के यज्ञ में राक्षस हड्डियां क्यों फेंकते थे? [29:00] 🔥💀- "जद मेरी अर्थी उठा के चलेंगे" - बाबाजी का इमोशनल गीत [01:16:00] ...
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    1 ora e 19 min
  • 9 Feb 26 - भगवान से भगवान को मांगना सही है? मांग और वासना का मनोविज्ञान !!
    Feb 8 2026
    00:00 - परमात्मा से परमात्मा को मांगना: क्या यह सही है? (Asking God from God: Is it right?)02:50 - मांग एक वासना है, लोभ है (Demand is lust, it is greed)05:30 - राजा और भिक्षुक की कहानी: सिंहासन का लोभ (Story of King and Beggar: Greed for Throne)18:00 - सिंहासन का सच: कोढ़ और खारिश (Truth of the Throne: Leprosy and Itching)24:30 - बिन मांगे मोती मिले: बच्चे की तरह बनो (Unasked pearls received: Be like a child)34:30 - कृष्ण और रुक्मिणी: भक्त की रक्षा (Krishna and Rukmini: Protecting the devotee)45:00 - हमारे देश में इतने त्यौहार क्यों हैं? (Why so many festivals in our country?)48:00 - शंकराचार्य और विधवा ब्राह्मणी: कनकधारा स्तोत्र (Shankaracharya and Widow: Kanakdhara Stotram)55:00 - जीसस और भोजन: जरूरत vs लोभ (Jesus and Food: Need vs Greed)01:00:50 - मांगो मत, बिन मांगे सब मिलेगा (Don't ask, receive everything unasked)---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी एक भक्त के प्रश्न का उत्तर देते हैं कि क्या परमात्मा से परमात्मा को मांग लेना सही है। वे बताते हैं कि 'मांग' अपने आप में एक वासना और लोभ है, चाहे वह पदार्थ की हो या परमात्मा की। बाबाजी एक राजा और भिक्षुक की कहानी सुनाते हैं, जहाँ भिक्षुक राजा का सिंहासन मांग लेता है लेकिन अंततः कोढ़ का शिकार हो जाता है। वे शंकराचार्य और कनकधारा स्तोत्र के प्रसंग से समझाते हैं कि मांग लोभ से नहीं, जरूरत से उठनी चाहिए। अंत में, बाबाजी कहते हैं कि बिन मांगे ही सब मिलता है, जैसे बच्चे को माँ से।---मुख्य विषय (Topics)* मांग और वासना का मनोविज्ञान (Psychology of Demand and Lust)* परमात्मा की प्राप्ति और लोभ (Attaining God and Greed)* राजा और भिक्षुक की शिक्षाप्रद कहानी (Instructive story of King and Beggar)* शंकराचार्य और कनकधारा स्तोत्र (Shankaracharya and Kanakdhara Stotram)* जीसस क्राइस्ट का प्रसंग (Episode of Jesus Christ)* त्यौहारों का मनोवैज्ञानिक कारण (Psychological reason for festivals)* समर्पण और बिन मांगे प्राप्ति (Surrender and receiving unasked)---Shorts Style Topics- परमात्मा को मांगना सबसे बड़ा लोभ क्यों है? [04:00] 🤑🙏- राजा का सिंहासन मांगने पर भिखारी का क्या हाल हुआ? [18:00] 👑😖- शंकराचार्य ने विधवा के घर सोने की बारिश क्यों करवाई? [48:00] 🌧️💰- जीसस ने सिर्फ एक वक्त का खाना क्यों मांगा? [55:00] 🍞✝️- भारत में इतने त्यौहार क्यों मनाए जाते हैं? [45:00] 🎉🇮🇳- बिन मांगे मोती मिले, मांगे मिले न भीख [24:30] 🤲💎---Music Segments (Geet/Shayari)- 🎶 "तेरी जुल्फों से जुदाई तो नहीं मांगी थी, कैद मांगी थी रिहाई तो नहीं मांगी थी" - [13:36]---वीडियो के लिए शीर्षक (Titles)1. क्या भगवान से भगवान को मांगना सही है? बाबाजी का जवाब2. राजा और भिखारी: लालच का अंजाम क्या होता है?3. बिन मांगे मोती मिले: मांगना ...
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    1 ora e 3 min
  • 8/2/26 - जो करता है परमात्मा "भले" के लिए करता है : 'मैं' सिर्फ एक दावा है! ईश्वर पर छोड़कर तो देखो
    Feb 7 2026
    00:00 - जो करता है परमात्मा करता है: 'मैं' सिर्फ एक दावा है (Whatever happens is done by God: 'I' is just a claim)02:00 - ईश्वर पर छोड़कर देखो: थ्योरी नहीं, प्रैक्टिकल करो (Leave it to God: Do practical, not theory)04:00 - क्या पाप (बलात्कार, हत्या) भी भले के लिए है? (Is sin (rape, murder) also for good?)07:00 - संत सबसे बड़ा वैज्ञानिक है (Saint is the greatest scientist)09:00 - "जाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठकर" (Let Zahid drink alcohol sitting in the mosque) 🎶11:00 - तुमने कुछ बनाया नहीं, सिर्फ कमाया (You didn't create anything, just earned)15:00 - 'भला' क्या है? सत्य को जानना (What is 'Good'? Knowing the Truth)18:00 - मौत आईना दिखाती है: तुम्हारा कुछ नहीं (Death shows the mirror: Nothing is yours)23:00 - बुद्धि का तर्क vs विधना का लेख: राम और सीता का वनवास (Logic of Intellect vs Destiny: Ram & Sita's Exile)30:00 - "विधना तेरे लेख किसी के समझ न आते" (Destiny's writing is beyond understanding) 🎶35:00 - राम भी मर्यादा से चूके? धोबी का प्रसंग (Did Ram also miss propriety? Episode of washerman)42:00 - लव-कुश और अश्वमेध यज्ञ: पिता-पुत्र का मिलन (Luv-Kush and Ashwamedha Yajna: Reunion of Father & Sons)50:00 - "ए अजल तुझसे ये कैसी नादानी हुई" (O Destiny, what a mistake you made) 🎶55:00 - अनहोनी होवे नहीं, होनी होकर रहे (What is not to be will not happen, destiny prevails)58:00 - नेपोलियन और चाणक्य का अंत (End of Napoleon and Chanakya)01:04:00 - पृथ्वी और सूर्य का भार: वैज्ञानिक तथ्य (Weight of Earth and Sun: Scientific facts)01:13:00 - धर्मराज के दरबार में हिसाब (Account in the court of Dharmaraj)01:23:00 - "भला करने वाले भलाई किए जा" (Do good, O doer of good) 🎶01:25:00 - "और जरा सी दे दे साकी" - रूहानी नशा (Spiritual Intoxication) 🎶---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी लाओत्से के सूत्र "जो करता है परमात्मा करता है और भले के लिए करता है" की गहन व्याख्या करते हैं। वे समझाते हैं कि मनुष्य ने दुनिया में कुछ भी 'क्रिएट' (Create) नहीं किया, बस चीजों को इधर-उधर करके 'कमाया' है, इसलिए उसका मालिकाना हक झूठा है। बाबाजी राम-सीता के वनवास और लव-कुश के प्रसंग से बताते हैं कि विधि का विधान (Destiny) बुद्धि के तर्क से परे है। वे कहते हैं कि असली 'भला' यह जानना है कि "मैं नहीं हूँ और मेरा कुछ नहीं है"। अंत में, वे अपने एनलाइटनमेंट के अनुभव और रूहानी नशे की बात करते हैं।---मुख्य विषय (Topics)* कर्तापन का भ्रम और ईश्वर की इच्छा (Illusion of Doership and God's Will)* पाप और पुण्य का 'भला' पक्ष (The 'Good' side of Sin and Virtue)* रामायण के प्रसंग: वनवास और लव-कुश (Ramayana Episodes: Exile and Luv-Kush)* मृत्यु और सत्य का साक्षात्कार (Death and Realization of Truth)* विज्ञान और आध्यात्म (Science and Spirituality)* नेपोलियन और चाणक्य का हश्र (Fate of Napoleon and Chanakya)* रूहानी नशा और सेवा (Spiritual Intoxication and Service)---Music Segments (Geet/Shayari)- 🎶 "जाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठकर, या वो जगह बता ...
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    1 ora e 31 min
  • 7/2/26 - भोगों से मुक्ति कैसे पाएं? अष्टावक्र का गुप्त सूत्र!! मुक्ति के बाद क्या आना-जाना पड़ता है?
    Feb 7 2026

    00:00 - भोग और मोक्ष: तीन तरह के लोग (Three types of people: Seeking pleasure, liberation, or nothing)01:00 - अष्टावक्र का गुप्त सूत्र: "चाह गई चिंता मिटी" (Ashtavakra's Secret: Desire gone, anxiety gone)04:00 - भविष्यवाणी: क्या सृष्टि खत्म होने वाली है? (Prediction: Is the world ending?)05:30 - पुलिस वाले का किस्सा: झूठी भविष्यवाणी से बच गई नौकरी (Police officer story: Fake prediction saved job)13:50 - भोग से सुख मिलता है या दुख? (Does indulgence bring happiness or sorrow?)24:50 - "जाग के भोगो" का असली अर्थ (True meaning of "Indulge with awareness")35:30 - बुद्ध का विपश्यना और 'द्रष्टा' बनने का भ्रम (Buddha's Vipassana and the illusion of becoming a 'Witness')40:00 - आध्यात्मिक गुरु vs कोचिंग सेंटर: शिक्षा और आध्यात्म का भेद (Spiritual Guru vs Coaching Center)48:00 - कृष्ण ने मटकियां फोड़ीं: बचपन छीनना कंस जैसा पाप (Krishna breaking pots: Stealing childhood is a sin like Kansa)51:00 - अल्बर्ट आइंस्टीन मंदबुद्धि थे? (Was Albert Einstein mentally slow?)59:30 - कबीर की वाणी: "ना कछु लेना, ना कछु देना" (Kabir's Vani: Take nothing, give nothing)01:04:00 - 'साहिब बंदगी' का असली अर्थ (True meaning of 'Sahib Bandgi')01:09:00 - क्या मोक्ष के बाद आत्मा वापस आती है? (Does soul return after Moksha?)01:14:20 - बनना नहीं, होना है: द्रष्टा बनने का श्रम छोड़ो (Don't become, just be: Drop the effort of witnessing)

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    1 ora e 23 min
  • 6/2/26 - क्या पाप (चोरी, बलात्कार) भी भगवान करवाता है? परमात्मा ही एकमात्र कर्ता? लीला क्या है?
    Feb 5 2026
    00:00 - क्या पाप (चोरी, बलात्कार) भी भगवान करवाता है? (Does God also cause sins like theft, rape?)02:20 - युधिष्ठिर और यक्ष का संवाद: मनुष्य की मूर्खता (Yudhishthira and Yaksha: Man's stupidity)05:30 - हम कठपुतलियां हैं, वही नचाता है (We are puppets, He pulls the strings)08:00 - संविधान और धर्मग्रंथ: भगवान की नीति पर आपत्ति (Constitution and Scriptures: Objection to God's Policy)12:00 - बलात्कार और शरीर का मोह: कड़वा सच (Rape and attachment to body: Bitter Truth)15:40 - अर्जुन का भ्रम और कृष्ण का ज्ञान: आत्मा नहीं मरती (Arjuna's delusion and Krishna's wisdom: Soul never dies)19:00 - हिंदू धर्म की मान्यताएं और वास्तविकता (Beliefs of Hinduism vs Reality)27:00 - कृष्ण के 1 लाख 61 हजार बच्चे? (Krishna had 1,61,081 children?)31:00 - भागवत कथा: चीर हरण प्रसंग का विश्लेषण (Bhagwat Katha: Analysis of Cheer Haran episode)37:00 - जमाना बदलने वाले मर्द (Men who change the era)41:40 - माखन चोर: भगवान को चोर कहना (Makhan Chor: Calling God a thief)48:00 - 21,000 बार फांसी की सजा: पापों का हिसाब (21,000 hangings: Accounting for sins)52:00 - मैं दंड नहीं देता, विधान देता है (I don't punish, the law does)55:00 - दूसरे की पत्नी की तारीफ और पति की पिटाई (Praising another's wife and husband's beating)01:03:00 - सजन रे झूठ मत बोलो: खुदा के पास जाना है (Sajan re jhoot mat bolo: Going to God)01:14:00 - नानक ते मुख उजले: नाम जपने का फल (Nanak te mukh ujle: Fruit of chanting Name)---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी एक बहुत ही संवेदनशील और गहरे प्रश्न का उत्तर देते हैं: "क्या चोरी, बलात्कार और हत्या भी भगवान करवाता है?" बाबाजी स्पष्ट करते हैं कि सब कुछ परमात्मा की लीला है और हम केवल मोहरे हैं। वे युधिष्ठिर और यक्ष के संवाद का उदाहरण देकर मनुष्य की मूर्खता (यह मानना कि "मैं करता हूँ") को उजागर करते हैं। बाबाजी शरीर के मोह और बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य पर भी प्रकाश डालते हैं, जो सुनने में कड़वा लग सकता है। वे भागवत कथाओं के छिपे अर्थों, कृष्ण के "माखन चोर" स्वरूप और कर्मों के अटल विधान पर भी चर्चा करते हैं।---मुख्य विषय (Topics)* कर्म और कर्तापन (Karma and Doership)* पाप और पुण्य का आध्यात्मिक अर्थ (Spiritual meaning of Sin and Virtue)* शरीर और आत्मा का भेद (Difference between Body and Soul)* धार्मिक मान्यताओं का विश्लेषण (Analysis of Religious Beliefs)* भागवत कथा और कृष्ण लीला (Bhagwat Katha and Krishna Leela)* यक्ष-युधिष्ठिर संवाद (Yaksha-Yudhishthira Dialogue)* परमात्मा का विधान (God's Law/Constitution)---Shorts Style Topics- क्या बलात्कार भी भगवान की मर्जी से होता है? बाबाजी का जवाब [11:17] ⚖️🤔- युधिष्ठिर ने यक्ष को मनुष्य की सबसे बड़ी मूर्खता क्या बताई? [02:30] 🧠🚫- कृष्ण के कितने बच्चे थे? जानकर हैरान रह जाओगे! [27:30] 😲👶- चीर हरण: क्या 6 साल का बच्चा ऐसा ...
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    1 ora e 23 min
  • 5 Feb 26 - "नेगेटिव एनर्जी है या बीमारी" कैसे पता चले? आत्मा अमर है तो शरीर की चिंता क्यों?
    Feb 4 2026
    00:00 - रुद्राक्ष कहां से मिलेगा और असली-नकली की पहचान (Where to find Rudraksha and identify real/fake)04:40 - तंत्र और संघारिणी विद्या पर प्रश्न और बाबाजी का उत्तर (Question on Tantra/Sangharini and Baba Ji's Answer)09:00 - नेगेटिव एनर्जी या हार्ट अटैक? डॉक्टर से चेकअप कराएं (Negative Energy or Heart Attack? Consult a Doctor)17:00 - आत्मा अजर-अमर है, पर शरीर को बचाना क्यों जरूरी है? (Soul is immortal, but why save the body?)23:00 - शरीर एक बहुमूल्य रथ है, इसे मत खोना (Body is a precious chariot, don't lose it)32:00 - पिछले जन्मों के भोग और इस जन्म का ज्ञान (Past life indulgences and present life wisdom)47:00 - नास्तिकों के प्रश्न: दुष्टों को बाबाजी मार क्यों नहीं देते? (Atheists' Question: Why doesn't Baba Ji kill the wicked?)50:00 - ईश्वर साक्षी है, रोकता नहीं (God is a witness, doesn't intervene)57:00 - निर्विकल्प समाधि और रामकृष्ण परमहंस का उदाहरण (Nirvikalpa Samadhi and Ramakrishna Paramhansa Example)01:04:00 - हिमालय की गुफा और शेर का किस्सा: 150 जन्मों की भटकन (Himalaya Cave & Lion Story: Wandering for 150 births)01:11:00 - ध्यान: नेगेटिव एनर्जी से बचने का सर्वश्रेष्ठ उपाय (Meditation: The best protection against Negative Energy)---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी साधकों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए रुद्राक्ष की पहचान और प्राप्ति के बारे में बताते हैं। वे तंत्र और नेगेटिव एनर्जी के डर को दूर करते हुए कहते हैं कि शारीरिक लक्षणों के लिए पहले डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। बाबाजी समझाते हैं कि यद्यपि आत्मा अमर है, फिर भी शरीर रूपी 'रथ' को बचाना आवश्यक है क्योंकि इसी के माध्यम से मोक्ष की यात्रा पूरी होती है। वे अपने पिछले जन्म का एक रोंगटे खड़े करने वाला किस्सा सुनाते हैं जब हिमालय में एक शेर के डर से वे गुफा में भाग गए और मोक्ष से चूक गए, जिसके कारण उन्हें 150 जन्मों तक भटकना पड़ा। अंत में, वे बताते हैं कि 'ध्यान' ही हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा से बचने का एकमात्र पक्का कवच है।---मुख्य विषय (Topics)* रुद्राक्ष का विज्ञान और पहचान (Science and Identification of Rudraksha)* तंत्र विद्या और नेगेटिव एनर्जी का सच (Truth of Tantra Vidya and Negative Energy)* शारीरिक स्वास्थ्य बनाम आध्यात्मिक लक्षण (Physical Health vs Spiritual Symptoms)* शरीर का महत्व और मोक्ष यात्रा (Importance of Body and Journey to Salvation)* ईश्वर का साक्षी भाव (God's Witnessing Nature)* बाबाजी के पिछले जन्म का अनुभव (Baba Ji's Past Life Experience)* ध्यान की शक्ति और सुरक्षा (Power and Protection of Meditation)---Shorts Style Topics- रुद्राक्ष असली है या नकली? कैसे पहचानें [00:00] 📿🤔- नेगेटिव एनर्जी या बीमारी? पहले डॉक्टर के पास जाओ! [09:00] 🏥👻- बाबाजी ने शेर को देखकर क्या गलती की? [01:04:00] 🦁😱- दुष्टों को भगवान क्यों ...
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    1 ora e 17 min
  • 4 Feb 26 - गुरु का आखिरी वार: अहंकार पर घन की चोट!! अहंकार से आत्म-दर्शन: आध्यात्मिक यात्रा
    Feb 3 2026
    00:00 - गुरुकुल की कहानी: 5 साल में आत्मदर्शन, 7 साल में परमात्मदर्शन (Gurukul Story: Self-realization in 5 years, God-realization in 7)03:00 - गुरु बेइज्जती क्यों करता है? इज्जत का मोह छोड़ो (Why does Guru insult? Let go of the desire for respect)09:00 - भागवत कथा प्रचारक और बाबाजी की फटकार (Bhagwat Katha Preacher and Baba Ji's Scolding)13:30 - "तेरी जुल्फों से जुदाई तो नहीं मांगी थी" - भगवान को प्रचार नहीं चाहिए (Song: God doesn't need publicity) 🎶20:00 - हिंदू धर्म का पाप: बिना पूछे भगवान का प्रचार (Sin of Hinduism: Promoting God without permission)26:30 - जैन मुनि और फिल्म देखने की इच्छा: कौन गुलाम है? (Jain Monk wanting to watch movies: Who is the slave?)31:00 - दान कहाँ करें? कुष्ठ आश्रम और अनाथालय (Where to donate? Leprosy ashrams and orphanages)40:00 - राजनीतिक छल और लोकतंत्र का हनन (Political Deception and Violation of Democracy)45:00 - चंद्रचूड़ जी का न्याय: भगवान से पूछा, अल्लाह से क्यों नहीं? (Chandrachud's Justice: Asked God, why not Allah?)51:00 - "और जरा सी दे दे साकी" - रूहानी नशा (Song: Spiritual Intoxication) 🎶57:30 - "मैं यह सोचकर उसके दर से उठा था" - विरह गीत (Song: I left thinking she would stop me) 🎶01:03:00 - सच्ची प्यास कब लगती है? (When does true thirst arise?)01:14:00 - चार्वाक का दर्शन: "ऋणं कृत्वा घृतं पिबेत्" (Charvaka Philosophy: Borrow and drink ghee)01:20:00 - लियो टॉल्स्टॉय की कहानी: अक्स्योनोव और मकर (Leo Tolstoy's Story: Aksionov and Makar)01:40:00 - रिहाई का ऑर्डर और मौत (Order of release and Death)01:50:00 - गुरु का आखिरी वार: अहंकार पर घन की चोट (Guru's Final Blow: Hammer on Ego)---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी गुरु-शिष्य परंपरा के कड़वे सच को उजागर करते हैं। वे बताते हैं कि सच्चा गुरु इज्जत नहीं देता, बल्कि शिष्य के अहंकार को तोड़ता है। बाबाजी भागवत कथा प्रचारकों और जैन मुनियों के पाखंड पर तीखा प्रहार करते हुए कहते हैं कि भगवान को प्रचार की नहीं, प्रेम की जरूरत है। वे लियो टॉल्स्टॉय की कहानी 'अक्स्योनोव' के माध्यम से समझाते हैं कि जीवन में असली रिहाई (मुक्ति) अक्सर मौत के साथ आती है। बाबाजी राजनीति, न्यायपालिका और लोकतंत्र पर भी बेबाक टिप्पणी करते हैं और अंत में कहते हैं कि गुरु का अंतिम प्रहार शिष्य के अहंकार को चूर-चूर करने के लिए होता है।---मुख्य विषय (Topics)* सच्चा गुरु और अहंकार का नाश (True Guru and Destruction of Ego)* धार्मिक प्रचार का पाखंड (Hypocrisy of Religious Propagation)* दान और सेवा का सही अर्थ (True Meaning of Charity and Service)* राजनीतिक और न्यायिक व्यवस्था पर सवाल (Questions on Political and Judicial System)* लियो टॉल्स्टॉय की कहानी 'God Sees the Truth, But Waits' (Leo Tolstoy's Story)* चार्वाक दर्शन और जीवन का सत्य (Charvaka Philosophy and Truth of Life)---Shorts Style Topics- भागवत कथा प्रचारक को बाबाजी ने क्यों डांटा? [09:00] 😡📖- जैन ...
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    1 ora e 57 min