chai re chai- चाय रे चाय copertina

chai re chai- चाय रे चाय

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चाय कितने ही रिश्ते बनाती है कभी किसी की दोस्त कभी अकेलेपन की साथी बन जाती है। चाय से जड़ जाते हैं कई रिश्ते, किस्स्रे या यादें बस इन्ही रिश्तों और यादों से जुड़ी है हमारी आज की कहानी। ऐसी ही खूबसूरत कहानियों को लाइव सुनने के लिये जुड़िये हमारे साथ हर बुधवार रात 9 बजे Mentza पर

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