Swabhimaan Ki Raksha copertina

Swabhimaan Ki Raksha

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खुद को मजबूत और स्वराज्य को आगे बढ़ाने के लिए शिवाजी महाराज ने जयसिंह के साथ पुरंदर की संधि की बात मान ली और उनकी शर्तों को स्वीकार कर लिया। जिसके बाद औरंगज़ेब के कहने पर जयसिंह ने शिवाजी को उन्हें उनके पुत्र के साथ आगरा जाने का आग्रह भी किया,किन्तु शिवाजी ने आगरा जाना अस्वीकार कर दिया। जिसके बाद औरंगजेब ने शिवाजी को मानाने के लिए शाही कपड़े, तोहफे और 1 लाख रूपये भी भिजवाए। तो आखिर इस पत्र का शिवाजी पर क्या प्रभाव पड़ेगा। क्या शिवाजी औरंगज़ेब से मिलने जायेगे या नहीं और आखिर क्यों शिवाजी सभी शर्तों को मान गए थे.... आखिर क्या चल रहा था दोनों के दिमाग में ? ये सब हम जानेगे हमारे अगले एपिसोड में।


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