8. आइए हम परमेश्वर के विरोधी के विरुध्ध खड़े होकर अपने विश्वास को जीवित रखे (यहेजकेल २८:११-१९)
Impossibile aggiungere al carrello
Rimozione dalla Lista desideri non riuscita.
Non è stato possibile aggiungere il titolo alla Libreria
Non è stato possibile seguire il Podcast
Esecuzione del comando Non seguire più non riuscita
-
Letto da:
-
Di:
A proposito di questo titolo
आज के पवित्रशास्त्र पढ़न में, परमेश्वर एक स्वर्गदूत के पतन के बारे में बात करता है जिसे परमेश्वर की वाटिका में रहने का आशीर्वाद मिला था। सबसे पहले, यह स्वर्गदूत अपनी स्थिति के अनुरूप परमेश्वर की आज्ञाकारिता में रहता था, लेकिन जब उसका हृदय अभिमानी हो गया, तो उसने अपना स्थान छोड़ दिया और अंततः परमेश्वर द्वारा उसे निकाल दिया गया। पुराने नियम की उत्पत्ति की पुस्तक में परमेश्वर द्वारा स्वर्गदूतों के निर्माण का कोई अभिलेख नहीं है। पवित्रशास्त्र स्वर्गदूतों का कोई विस्तृत विवरण नहीं देता है क्योंकि परमेश्वर ने पतित मनुष्यों को उनके सभी पापों से बचाने के उद्देश्य से बाइबल लिखी थी। परमेश्वर ने बाइबिल में दर्ज किया कि मानव जाति को उनके पापों से छूटकारा दिलाने के लिए उनकी उद्धार की योजना और इस उद्धार की पूर्ति दोनों को यीशु मसीह के द्वारा प्राप्त किया गया था। इस तरह, पवित्रशास्त्र मुख्य रूप से उद्धार के सत्य पर ध्यान केंद्रित करता है ताकि हमें यह दिखाया जा सके कि परमेश्वर ने कैसे पतित मनुष्यों को उनके पापों से बचाया है। परमेश्वर पानी और आत्मा के सुसमाचार सत्य के माध्यम से हम सभी के लिए उद्धार के अपने प्रावधान को प्रकट करने में प्रसन्न हैं।
https://www.bjnewlife.org/
https://youtube.com/@TheNewLifeMission
https://www.facebook.com/shin.john.35