6. आपका विश्वास ही इस युग के सुधार की शुरुआत कर सकता है (गलातियों १:१-१२) copertina

6. आपका विश्वास ही इस युग के सुधार की शुरुआत कर सकता है (गलातियों १:१-१२)

6. आपका विश्वास ही इस युग के सुधार की शुरुआत कर सकता है (गलातियों १:१-१२)

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यह दुनिया अब विनाश और अकाल के युग में प्रवेश कर चुकी है। हम अपने रोजमर्रा के जीवन में सहज रूप से जानते हैं कि मानव जाति के लिए विनाश का दिन दूर नहीं है, क्योंकि हम जलवायु परिवर्तन, अकाल, बीमारियों, राजनैतिक संघर्षों और सुरक्षा खतरों से उत्पन्न होने वाली प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे हैं। ऐसा कहा जाता है कि रस्सी पर चलनेवाले नट अपनी सारी उम्मीदें रस्सी पर रखते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि अगर रस्सी टूट गई तो वे मर जाएंगे। दुनिया भर के लोग इन रस्सी पर चलनेवाले नट की तरह हैं। मनुष्यजाति घने कोहरे में चल रही है, एक इंच भी आगे नहीं देख पा रही है और भविष्य की कोई निश्चितता नहीं है। ऐसे समय में, एक व्यक्ति है जिसने मानव जाति को उद्धार के प्रकाश और आशा की एक किरण से चमकाया है, और उसका नाम कुछ और नहीं बल्कि यीशु मसीह है, जिसने अपने बपतिस्मा के माध्यम से मानव जाति के पापों को सहा और विश्वासियों को परमेश्वर के अपने लोग बना दिया। मनुष्यजाति की आशा इस परमेश्वर, यीशु मसीह पर टिकी हुई है, जिसने सभी लोगों को पाप से छुड़ाया है।

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