राग दरबारी: सत्ता, व्यंग्य और गाँव की राजनीति | ऑडियो l Part 12 copertina

राग दरबारी: सत्ता, व्यंग्य और गाँव की राजनीति | ऑडियो l Part 12

राग दरबारी: सत्ता, व्यंग्य और गाँव की राजनीति | ऑडियो l Part 12

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राग दरबारी श्रीलाल शुक्ल का प्रसिद्ध व्यंग्यात्मक उपन्यास है, जो भारतीय गाँव की राजनीति, सत्ता और सामाजिक भ्रष्टाचार को उजागर करता है। कहानी शिवपालगंज गाँव के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ हर संस्था—पंचायत, स्कूल, अस्पताल और प्रशासन—स्वार्थ और चालबाज़ी का शिकार है। लेखक तीखे व्यंग्य और हास्य के माध्यम से दिखाते हैं कि कैसे ताक़तवर लोग व्यवस्था को अपने फ़ायदे के लिए मोड़ लेते हैं, जबकि आम लोग चुपचाप पिसते रहते हैं। यह उपन्यास हँसाते-हँसाते लोकतंत्र और समाज की कड़वी सच्चाई सामने रख देता है।

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